Tuesday, 13 March 2012

अ सुसाइड नोट 

अभी-अभी एक मुट्ठी से माँ की ऊँगली छूट गयी,
धुंए की भीड़ में और एक बच्चा खो गया.

एक पत्थर, एक ठोकर, लडखडाना. . .हाथ बढ़ाना,
माँ की ऊँगली का सिगरेट में बदल जाना. . .

तब से उंगलियो में सिगरेट जल रही है,
होठों से होकर सीने में ढल रही है. . .

पहली सिगरेट के पहले तक मैं भी बच्चा था,
हाथों में माँ की उंगलियो का गुच्छा था. . .

अब तक माँ के खून से बना था,
अब धुंए से बन रहा हूँ. . .

अफ़सोस अब बड़ा हो गया हूँ,
24 साल, 10 सिगरेट और कुछ कश का हो गया हूँ. . .

पिता के उपदेशों की उम्र 24 साल थी,
माँ की उम्मीदों की उम्र 24 साल थी,

एक माँ का बच्चा अब मर रहा है. . . .
माँ के खून में अब धुआं भर रहा है. . . .

(2008)
 

Monday, 5 March 2012

पुल 

उस गाँव
और इस शहर के बीच
मैं
एक पुल हूँ,
जिससे हर होली-दिवाली
तस्करी हो रही है
उम्मीदों की. . !

(25 फ़रवरी 2011)